"भारतरत्न", देश के १० वा प्रधानमंत्री, मान्यश्री अटल बिहारी वाजपेइजी का निधन, ७२ वी स्वतंत्रता दिवस के दिन होना इस देश को बहुत दुखी और विचार भरा संघटन है ! वे सिर्फ़ एक प्रधानमंत्री ही नही बल्कि एक अनुपम राजनीतिज्ञ और मानवतावादी थे जो हमेशा देश का भला पहले और व्यक्ति का भला बाद मे रखने वालो मे प्रथम थे. २० वी शताब्द से २१ वी शताब्द को देश का अयन उनके कंधो से हुआ था जो बहुत उलझन भरा समय था सभी तरह के बदलाव को सुस्थिरता और सफलता की ओर लेजाने मे.... कई देश के परस्पर लेन देन परंपरा को प्रभावित करने वाली भारत के ऐतिहासिक कारनामे, जैसे पोखरांन , कारगिल , टेलीकॉम के सांकेतिक विप्लव अटल जी के समय मे ही हुए थे जो भारत को दुनिया की अग्र्श्रेनि देश मे शामिल करदी और नियमित रूपमे कई देशोको भारत का शक्तिशालि प्रभाव को अपने आंतरंगिक संविधानी सोच मे लेने का अवसर दिलाया...
आज देश के चारो ओर भाजपा इतनी कड़ी जीत अगर हासिल करने मे सफलता पाई है तो वो सिर्फ़ अटल जी का कठोर परिश्रम का फल है जो हर एक काबिल नेता को सही दौरपे राजनीति और राजकीय का अंतर पहचानने मे मदद करचूकीेहै .... एक विशाल भावना भरा कवि , चमत्कारी, सबसे बड्कर एक अच्छा स्वच्छ दिल वाले नेताको आज देश खोचुकाहे जिनका याद हर एक देश्भक्त को हर स्वतंत्रता दिवस के दिन अपने चहरोपर मुस्कान लाना मुष्किल कर्दिया..... 
परमपद सोपान की आरोहन करतेहुए, परमात्मा की ओर अपनी जीवात्मा को मिलाने अंतिम यात्राकी तय्यारी करने मे लेटे हुए अटल जी के पूज्य चरणो को एक विनम्रता पूर्वक अक्षर नमस्कार.......
😰
🙏
https://www.facebook.com/Vinay.Aitha/posts/10215124527039906

No comments:
Post a Comment